Monday, July 26, 2010

दोस्त

होठों पर मुस्कान ले आये वो लम्हा हो।
काँटों को संग ले जो खिलता गुलाब हो।
अंधेरों से मोहब्बत करता वो चाँद हो।
सुखी जमीं को हर्षाये बरखा की फुहार हो।
मन के अंधेरों को जो हर ले जगमगाता दीप हो।
जिंदगी को नव-जीवन देते वो अमृत तुम हो।

3 comments:

  1. sundar rachna ,,,,,prayaas karate rahe ,,,,aur bhi sundar likh paayenge ,,,meri shubhkaamnaye aapke saatha hai .....

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  2. सुंदर अभिव्यक्ति ,शुभकामनायें

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  3. this is d best gift for friendship day...

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