मधुर शब्दों में अपने, मिठास शहद की घोलती।
बाबुल का मन मोहती, अपनी मीठी वाणी से॥
फूलों सी महकाती, स्नेह सुधा-रस फैलाती।
बरसाती प्यार अपार, बाँध लेती प्रेम-बंधन में॥
चिडियाँ सी चहचहाती, माँ के दिल को हर्शाती।
बटोर लेती स्नेह अनमोल, माँ के आँचल से॥
छा जाती हें बहार, खुशियाँ संग ले आती।
जब लेती जन्म बेटियाँ, बाबुल के आँगन में॥
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really nice... m sure ll learn sumthg 4m this.....
ReplyDeleteSo true coz I am one :)
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