आसमाँ के सितारों में झिलमिलाता है।
कभी चाँद में तेरा चेहरा नजर आता है।
बंगियाँ में खिलते फूलों सा तू मुस्कराता है।
मेरी सांसों में तेरी खुशबू महका करती है।
अपने नाम को तेरी आवाज में सुनती हूँ।
हवाओं के झोंके सा मुझे छूकर चला जाता है।
तेरे होने का मुझे अहसास करा जाता है।
ढूढती हूँ जग में तुझे नजर नहीं आता है।
मेरे रोम-रोम में इस कदर समां जाता है।
तेरे अहसास से मेरा जीवन महक जाता है।
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