Wednesday, March 18, 2009

माँ

ईश्वर जब अकेले न सबको संभाल पाया।
उसके मन में भी मदद का खयाल आया।
हर परिवार में अपना प्रतिरूप माँ को बनाया।
जन्म लेते ही ज़ुबां पर सबकी नाम माँ आया।
कई रातों तक स्वयं जाग जिसने हमें सुलाया।
अपने बच्चों की पीडा पर पीड़ित हो दिल रोया।
अपनी आँखों से जिसने दुनिया को हमें दिखाया।
क्या अच्छा क्या बुरा इसका माँ ने ज्ञान कराया।
प्रतिपल मार्ग-दर्शन कर जिसने हौसला बढ़ाया।
माँ के आँचल की छाया में संसार सिमट आया।
पाने माँ का प्यार ईश्वर धरती पर जन्म ले आया
माँ के चरणों में शीश झुका अतिशय सुख पाया

Monday, March 16, 2009

तेरा प्यार

जन्नत थी जिंदगी जब संग था तेरा प्यार।
दिल के अरमानों की मंझिल था तेरा प्यार।
जिंदगी के तूफानों का साहिल था तेरा प्यार।
बिखरे हुए लम्हों में हौसला देता तेरा प्यार।
मेरे हर जख्म पर बनता मरहम तेरा प्यार।
लबो की हँसी बन खिलखिलाता था तेरा प्यार।
गम के अंधेरो में रोशनी सा जगमगाता तेरा प्यार।
दूर होकर भी मेरे गीतों में गुनगुनाता है तेरा प्यार।
टूटकर बिखर गई जिंदगी जब जुदा हुआ तेरा प्यार।

Thursday, March 5, 2009

चाह

तेरे बिन जीना है बड़ा मुश्किल
सिर्फ यही बात कहना चाहती हूँ।

ख्वाबों में तो मिलते हो हर दिन
हकीकत में मिलना चाहती हूँ।
बहुत जाग चुकी तेरी यादों में
तेरी बांहों में सोना चाहती हूँ।

किताबों के पलटते पन्नों की तरह
अपनी किस्मत बदलना चाहती हूँ।
तेरे साथ बिताये थे जो खुशनुमा पल
उन्हें फिर से लौटा लाना चाहती हूँ।
बढ़ जाता जब जुदाई का दर्द इस कदर
जीना नहीं, मर जाना चाहती हूँ.

Wednesday, March 4, 2009

तुम आते हो..

जब तुम आते हो मैँ दीवानी हो जाती हूँ।
पाते ही तुमको ख़ुद से बेगानी हो जाती हूँ।
तेरे नैनों में खोकर प्रेम मग्न हो जाती हूँ।
तेरी बांहों में अतिशय सुख पा जाती हूँ ।
स्पर्श तेरा पाते ही कलियों सी खिल जाती हूँ।
ख्वाबों के आँगन में सपनों के दीप जलाती हूँ।
ह्रदय के झंकृत तारों से प्रेम का साज सजाती हूँ।
तेरे सजदे में अपना सर्वस्व अर्पण कर जाती हूँ।