तू मेरे पास नहीं फिर भी...
तेरी यादों से मोहब्ब्त की है मैंने।
जिनमें हो तेरी और मेरी बातें,
उन किस्सों से मोहब्बत की है मैंने।
जो महकते है तेरी यादों से,
उन पल से मोहब्बत की है मैंने।
तेरी जुदाई से जो मिला गम,
उस दर्द से मोहब्बत की है मैंने।
तेरी याद में जो छलक आये,
उन अश्कों से मोहब्बत की है मैंने।
तेरा अब मिलना किस्मत नहीं मेरी,
तेरे इन्तज़ार से मोहब्बत की है मैंने।
हा तुमसे ,तुमसे ही मोहब्बत की है मैंने
तेरी यादों से मोहब्ब्त की है मैंने।
जिनमें हो तेरी और मेरी बातें,
उन किस्सों से मोहब्बत की है मैंने।
जो महकते है तेरी यादों से,
उन पल से मोहब्बत की है मैंने।
तेरी जुदाई से जो मिला गम,
उस दर्द से मोहब्बत की है मैंने।
तेरी याद में जो छलक आये,
उन अश्कों से मोहब्बत की है मैंने।
तेरा अब मिलना किस्मत नहीं मेरी,
तेरे इन्तज़ार से मोहब्बत की है मैंने।
हा तुमसे ,तुमसे ही मोहब्बत की है मैंने
हर शब्द अपनी दास्ताँ बयां कर रहा है आगे कुछ कहने की गुंजाईश ही कहाँ है बधाई स्वीकारें
ReplyDeleteवाह ...
ReplyDeleteकाफी दिनों बाद ब्लॉग पर लौटीं आप |
स्वागत :)
Thank you Sanjay ji
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