Monday, November 2, 2009

मेरे साथ रहता है

तुम ना सही तुम्हारा ख्याल मेरे साथ रहता है,
वो याद बनकर मेरे जीवन को महकाया करता है।
साथ नही तू मेरे, दूर होकर भी तुझसे खुश हू,
तेरा अहसास तो हर -पल मेरे साथ रहता है।
तेरा संग ना सही तुझे पा लेने का जूनून तो मिला
मिलने को तुझसे मेरा मन बेकरार रहता है।
यह सच है की बिन तेरे बेरंग जीवन मिला,
मन तो सदा हर एक लम्हा तेरे साथ रहता है।

2 comments:

  1. iss poem ki taazgi ne mujhe prem se prafulit kar diya...

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  2. the person u love may be with us or not does not matter....luv will always blossom...keep it up my dear...

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